कश्मीर की वादियाँ जितनी खूबसूरत हैं,
उतना ही सुंदर है यहाँ का खाना बनाने का पारंपरिक तरीका।
पहले के समय में, जब न आज की तरह modern kitchen थी और न science की जानकारी,
फिर भी कश्मीर की लड़कियाँ ऐसा खाना बनाती थीं
जिससे पूरा परिवार सर्दियों में स्वस्थ रहता था।
आज इन पुराने तरीकों को बहुत कम लोग जानते हैं,
लेकिन modern science अब साबित कर रहा है कि
ये तरीके सच में बहुत सही और फायदेमंद थे।
आइए जानें कश्मीरी लड़कियों के वो पुराने खाने के राज़
जो आज भी चमत्कार करते हैं।
⭐ 1. धूप में सब्ज़ियाँ सुखाना — लंबे समय के लिए खाना बचाना
पहले कश्मीर की महिलाएँ हाक, मूंज, लौकी, शलगम और कई सब्ज़ियों को
पतले टुकड़ों में काटकर छत पर धूप में सुखाती थीं।
✔ क्यों अच्छा है यह तरीका?
- सब्ज़ियाँ लंबे समय तक खराब नहीं होतीं
- स्वाद बढ़ जाता है
- शरीर को सर्दियों में ज़रूरी पोषण मिलता है
- विज्ञान के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट बढ़ जाते हैं
यह तरीका आज भी बहुत सेहतमंद माना जाता है।
⭐ 2. सरसों के तेल का अचार — सर्दियों में सेहत का सहारा

कश्मीरी महिलाएँ सरसों के तेल में अचार बनाती थीं।
✔ यह शरीर के लिए क्यों अच्छा है?
- Mustard oil शरीर को गर्म रखता है
- Germs को बढ़ने नहीं देता
- पाचन ठीक करता है
- वैज्ञानिक कहते हैं इसमें प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण हैं
यानी यह सिर्फ स्वाद नहीं, सर्दियों की दवा भी था।
⭐ 3. धीमी आँच पर पकाना — खाना और भी पौष्टिक बनाना
कश्मीर में कई व्यंजन धीमी आँच पर पकाए जाते थे:
- यख़नी
- राजमा
- हरीसा
- स्ट्यू
✔ विज्ञान के अनुसार:
- Slow cooking से पोषक तत्व खराब नहीं होते
- खाना पचने में आसान हो जाता है
- मसालों का असर बढ़ जाता है
इसलिए ऐसे बने भोजन को आज भी बहुत सेहतमंद माना जाता है।
⭐ 4. मौसम के हिसाब से खाना खाना
कश्मीरी महिलाएँ मौसम देखकर खाना चुनती थीं।
सर्दियों में:
- कहवा
- हरीसा
- सूखी सब्ज़ियाँ
- सरसों के तेल वाला खाना
गर्मियों में:
- दही
- हल्का भोजन
- हरी सब्ज़ियाँ
✔ विज्ञान भी यही कहता है:
Season के हिसाब से खाना खाने से:
- Immunity बढ़ती है
- शरीर मौसम के साथ खुद को ढाल लेता है
- बीमारियाँ कम होती हैं
⭐ 5. कश्मीरी कहवा — सर्दियों की सबसे अच्छी ड्रिंक
कहवा में होता है:
- केसर
- दालचीनी
- इलायची
- बादाम
✔ फायदे:
- शरीर को गर्म रखता है
- Stress कम करता है
- Digestion अच्छा करता है
- Immunity बढ़ाता है
कहवा आज दुनिया भर में famous है,
लेकिन इसकी असली शुरुआत कश्मीर की रसोई में हुई थी।
⭐ 6. सर्दियों के लिए पहले से तैयारी करना
कश्मीर की महिलाएँ सर्दी आने से पहले ही
महीनों की तैयारी कर लेती थीं:
- सब्ज़ियाँ सुखाना
- अचार बनाना
- मसाले और दालें स्टोर करना
- घी और तेल जमा करना
✔ क्यों जरूरी था?
क्योंकि कश्मीर में सर्दियों में बहुत ठंड होती है
और बाज़ार भी कई बार बंद रहते हैं।
Science के अनुसार भी ऐसे मौसम में
सुखा हुआ खाना और high-energy food शरीर के लिए ज़रूरी होता है।
⭐ निष्कर्ष
कश्मीरी महिलाएँ सिर्फ खाना नहीं बनाती थीं—
वे अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखती थीं।
उनके तरीके:
- आसान थे
- प्राकृतिक थे
- और विज्ञान के अनुसार बिल्कुल सही थे
इन पुरानी तकनीकों को याद रखना और अपनाना
आज भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद है।
यह ब्लॉग कश्मीर की उन सभी महिलाओं को समर्पित है
जिन्होंने अपने ज्ञान से पीढ़ियों को स्वस्थ रखा।